टूटे हुये दिल पे शबनमी मोहब्बत की बरसात ये बसंत के मौसम पूनम की मादक चाँदनी रात मोहब्बत की मादक महक से महकती जिन्दगी जब से महबूबे मोहब्बत का मिला साथ जिन्दगी की हरेक आरजू हर पल मिले महबूब का प्यार ज्यों अवनी और अम्बर मिलते महकती शबनमी बरसात दिलों के मिलने से महकती है फिजा चहकती है कायनात जब चाँदनी के शबनमी मोतियों की चादर पर महबूब से होती मुलाकात मोहब्बत और बेवफाई का चोली दामन का सा नाता है उन्हें गुस्सा आता है हमारी मोहब्बत पर,हमें उनके गुस्से पे प्यार आता है मोहब्बत में वफा से कतई अंजान नही है हम हैरान है वफा ए महबूब से तनिक भी परेशां नहीं है हम मनोहर यादव " अमृत सागर "
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Tuesday, 6 December 2016
शबनमी मोहब्बत
टूटे हुये दिल पे शबनमी मोहब्बत की बरसात ये बसंत के मौसम पूनम की मादक चाँदनी रात मोहब्बत की मादक महक से महकती जिन्दगी जब से महबूबे मोहब्बत का मिला साथ जिन्दगी की हरेक आरजू हर पल मिले महबूब का प्यार ज्यों अवनी और अम्बर मिलते महकती शबनमी बरसात दिलों के मिलने से महकती है फिजा चहकती है कायनात जब चाँदनी के शबनमी मोतियों की चादर पर महबूब से होती मुलाकात मोहब्बत और बेवफाई का चोली दामन का सा नाता है उन्हें गुस्सा आता है हमारी मोहब्बत पर,हमें उनके गुस्से पे प्यार आता है मोहब्बत में वफा से कतई अंजान नही है हम हैरान है वफा ए महबूब से तनिक भी परेशां नहीं है हम मनोहर यादव " अमृत सागर "
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खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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