Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा,
चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Friday, 2 December 2016
बीती शब ख्वाबगाह मे मेहबूब से मुलाकात हो गइ
बीती शब ख्वाबगाह मे मेहबूब से मुलाकात हो गइ
बीती शब ख्वाबगाह मे मेहबूब से मुलाकात हो गइ
दिल ही दिल मे दिल से दिल की हरेक बात हो गई
अमावस्या के पखवाडे मे चांदनी रात हो गई
सावन के सुहाने मौसम मे महबूब से मुलाकात हो गई
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