Thursday, 13 September 2018

मोहब्बत

नजरों ने दिली गुहार सुनीता है दिल ने रूहानी पुकार सुनीता है तुम्ही बताओ कैसे जाने दे उन्हें। मेरे कानों ने पायल की झंकार सुनीता है । मनोहर सतोगिया

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव