#2 गुजारिश है रब से
गुजारिश है रब से कभी कभी ख्वाबो में आया करों । अपनी मोहब्बतो महक से ख्वाबगाह महकाया करो।। मनोहर यादव
गुजारिश है रब से कभी कभी ख्वाबो में आया करों । अपनी मोहब्बतो महक से ख्वाबगाह महकाया करो।। मनोहर यादव
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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