Tuesday, 8 October 2019

गुजारिश है रब से

#2 गुजारिश है रब से

गुजारिश है रब से कभी कभी ख्वाबो में आया करों । अपनी मोहब्बतो महक से ख्वाबगाह महकाया करो।। मनोहर यादव

No comments:

Post a Comment

खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव