Tuesday, 8 October 2019

हरेक किसी के जिस्म में | Manohar Satogiya

हरेक किसी के जिस्म में रावण का डी एन ए नहीं यार।राम का चहरा लगाये बैठे हरेक मोड़ पे रावण दरिन्दगी का अवतार ।।मनोहर यादव

No comments:

Post a Comment

खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव