Thursday, 29 November 2012

जन्मभूमी


मेरी जन्मभूमी महू है
मुझको इस पर नाज है
होल्करो ने अंग्रेजो को दान मे दे
यह पावन नगरी बसाई थी
सारे जंगल नष्ट किये
वनस्पतिया सारी उजाडी
मेरी जन्मभूमी महू है
मुझको इस पर नाज है
सुंदर सैन्य ट्रेनिंग स्थळ बनाकर
स्थळी को महू फिर नाम दिया
मेरी जन्मभूमी महू है
मुझको इस पर नाज है
मध्य प्रदेश इंदौर जिले मेंमहू छावनी
1818 मे अंग्रेजो ने बसाई थी
मेरी जन्मभूमी महू है
मुझको इस पर नाज है
जनापाव मे जन्म लेकर
परसुराम ने महत्व बढाया
मेरी जन्मभूमी महू है
मुझको इस पर नाज है
अंग्रेजो ने सेना मुख्यालय
बनाकर महू के गौरव को नरे आयाम दिये
मेरी जन्मभूमी महू है
मुझको इस पर नाज है

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खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव