Thursday, 29 November 2012

प्रदूषण

जगमग जगमग दीप जल रहे आज दिवाळी है

भूलाकर दुश्मनी गले लग जाओ आज दिवाळी है


सारे जहान मे प्यार का अपना तुम परचम


लहारावो आज दीवाली है


जगमग जगमग दीप जल रहे आज दिवाळी है


अपने घर को रौशनी से सजाव आज दिवाली है


सारे गिले शिकवे भूलाव आज दीवाली है


प्यार से अपना जहा बासावो आज दीवाली है


जगमग जगमग दीप जल रहे आज दिवाळी है


बडे बुजुर्गो को शिस नवावो आज दिवाळी है

ज्यादा मत प्रदूषण फैलाव आज दीवाली है


जुवे शराब की लत भूलावो आज दीवाली है


जगमग जगमग दीप जल रहे आज दिवाळी है


सब मिलकर मंगल गीत गावो आज दीवाली है


सदगी आदर्श से सब मिलके मनावो तुम दीवाली रे


सारे जहान को अमन का पैगाम भिजवावो आज दीवाली रे


जगमग जगमग दीप जल रहे आज दिवाळी है


मात पिता को सीस नावावो आज दीवाली है

जगमग जगमग दीप जल रहे आज दिवाळी है

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव