Monday, 3 December 2012

मुक्तक भाग ( 2 )मेरे हसीन सपनों की मूरत कृती

5
मेरी अपनी समकालीन समकालीन कृती
मेरे अपने दिल की पुकार कृती
मेरे दिल का अहसास कृती
मेरी अपनी अनुपम कृती
6
कैसे कहे कहू मै तुमसे कृती
प्यार से सुनु मै अनुपम कृती
मेरे दिल पर राज तुम्हारा
मेरी अपनी मनोरम कृती
7
मेरे हसीन सपनों की मूरत कृती
बड़ी दिलकश बड़ी खूबसूरत  कृति
मेरे अहसासों की मूरत हसीं
अल्हड चंचल दिलकश नवयौवना कृती
8
कृति तुम सुन्दर रूप मनोहर
एक अदभुद दिलकश अहसास
एक खुबसूरत स्वप्न सुंदरी कृति
सबके दिलो पर छाई कृति 

 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव