Monday, 3 December 2012

रात की बिदाई .... दिवस का आगमन ..

रात की बिदाई ....
दिवस का आगमन ..
पंछियो की कलरव
जल की निर्मल धारा का मंद स्वर ,कल कल छळ छळ
दिवस का सुस्वागतम वेलकम
पंक्षियो ने कलरव से ख़ुशी का इजहार किया
दिवस का स्वागत किया ..
मृग ने सूरज की ओर देखकर दोनो कान खडे किये ...
लाल रंग की गेंड को आकाश मे निहारकर ..
दिवस का नेत्रो से स्वागत किया ...सुस्वागतम
वानरो का भोजन की तलाश मे प्रस्थान
 पहली सूर्य की किरण
नवयुवती ने गेलरी मे जाकर
एक लोटा जल सूर्य को समर्पित किया
दिवस का आगमन
रात्री की बिदाई ........
सैनिक की दिनचर्या ..
भोर का प्रथम पहर ...
स्नान धयानोपरांत पूर्व दिशा मे
जल अर्पण ....ओम सूर्याय नम :
नव दिवस का आगमन
गाव घर पर
सैनिक की पत्नी का
भोर मे सूर्य को अर्ध्य देना जल अर्पण ....
पीपल पर जल चढना  ..
वट पर जल चढना
नव दिवस का अवसान ....
सूर्य को अर्ध्य ...........


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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव