Friday, 14 December 2012

506

मधुशाला दो का  निमंत्रण  लेकर ,कृतक  स्वयं पाठकों के द्वार आया है 

प्यार तुम्हारा पाएगी मधुशाला 2 दिल में अभिलाषा लाया है 

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बाबूजी की मधुशाला ने जित लिया था दिल सारे जहाँ का !

उसी प्यार को फिर से पाने ,कृतक मनोहर आया है 

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हिन्द की सभी मधुशालाओ से ,बूंद बूंद चुन लाया हु !

बड़े प्यार से प्रिय पाठकों ,तुम्हें दिखाने आया हूँ !!

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अपने मन के अमृत सरोवर से चुन चुन मोती लाया हूँ !

बड़े स्नेह से प्रिय पाठकों ,तुम्हें समर्पित करने आया हूँ !!

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अपनी कृति से दूर रहकर ,मधुशाला 2 मै लाया हूँ !

मेरे प्रिय पाठकों का निर्णय पाने आया हूँ !!

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दिल में विश्वास्   ये  मेरे है प्यार तुम्हारा पाऊंगा !

मधुशाला 2 की पताका ,सारे विश्व में फहराऊंगा !!

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सागर मय से कुछ हाला ,छलकी है मधुशाला 2 में !

गजब् की हाला गबरसेगी यारो ,मधुशाला के अगले संस्करण में !!

 



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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव