Tuesday, 4 December 2012

बडा ही अनुपम नाता है

कांग्रेस का काराप्सन से बालक का बचपन से
उमर का पचपन से ,बडा ही अनुपम नाता है
हम तो हिनद के नागरिक है हमे प्यार निभाना आता है
जंगल का भालू से सामोसे का आलू से
बिहार का लालू से ,रंगो का काळू से
 हम तो हिनद के नागरिक है हमे प्यार निभाना आता है
रंगो का प्रकाश से ,तारो का आकाश से
इंद्रधनुष का बराखासे ,गांधी जी का चरखा से
 हम तो हिनद के नागरिक है हमे प्यार निभाना आता है
आकाश का बादल से ,सुंदरी का काजळ से ,
हम तो हिनद के नागरिक है हमे प्यार निभाना आता है
भूखे का खाने से किशोर का गाने से
मनोहर का नहाने से अभी का संगीत से
गीता का गीत से ,मेघा का फेसबुक से
 हम तो हिनद के नागरिक है हमे प्यार निभाना आता है
बडा ही अनुपम नाता है

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव