Thursday, 6 December 2012

जगमग जगमग दीप जल रहे आज दिवाळी है

भूलाकर  दुश्मनी  गले लग जाओ  आज दिवाळी है
सारे जहान मे प्यार का अपना तुम परचम
लहारावो आज दीवाली है
जगमग जगमग दीप जल रहे आज दिवाळी है 

अपने घर को रौशनी से सजाव आज दिवाली है
सारे गिले शिकवे भूलाव आज दीवाली  है
प्यार से अपना जहा बासावो आज दीवाली है
जगमग जगमग दीप जल रहे आज दिवाळी है

बडे बुजुर्गो को शिस नवावो  आज दिवाळी है

ज्यादा मत प्रदूषण फैलाव आज दीवाली है
जुवे शराब की लत भूलावो आज दीवाली है
जगमग जगमग दीप जल रहे आज दिवाळी है

सब मिलकर मंगल गीत गावो आज दीवाली  है
सदगी आदर्श से सब मिलके मनावो तुम दीवाली  रे
सारे जहान को अमन का पैगाम भिजवावो  आज दीवाली रे
जगमग जगमग दीप जल रहे आज दिवाळी है

मात पिता को सीस नावावो आज दीवाली है

जगमग जगमग दीप जल रहे आज दिवाळी है 

 

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव