Thursday, 6 December 2012

सुबह सबेरे तुम बोलो राम ,

201

सुबह सबेरे तुम बोलो राम ,

राम बनाते सबके बिगड़े काम !

उठते ,जागते खाते पीते ,

हर पल दिल से बोलो रामही राम !!

202

बन जायेँगे मनवा तेरे सारे काम ,

नित बोल तू मनवा राम  राम !

राम  ही बानायेंगे तेरे सारे काम ,

बोलो राम ,बोलो राम ,राम राम राम !!


No comments:

Post a Comment

खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव