Tuesday, 28 April 2015

આજ મેરે દિલ મેં ફિર દર્દ હુઆ હૈ

આજ મેરે દિલ મેં ફિર દર્દ હુઆ હૈ

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આજ મેરે દિલ મેં ફિર દર્દ હુઆ હૈ 

अपनो के दिए दर्द ने फिर दिल को छुआ है 

अपनो के दिए दर्द ने  जीना भी दुश्वार किया है 

अपनो के दिए दर्द ने मेरे मेरे दिल में खंजर उतार है 

बड़ी बेरहमी से मेरे अपनो ने वार किया है  

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जिंदगी के इस सफ़र में ,क्यों दिल फिर से  बेक़रार हुआ है 

गमो के बोझ ने ,दिल को अब तोड़ दिया है 

दिल को ये जान के शुकून अपार हुआ है 

मेरे अपनो के दिए दर्द ने ,दिल को झ्जकोर दिया है 


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खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव