Tuesday, 28 April 2015

बड़ा ही अनुपम नाता है.......................3

बडा ही अनुपम नाता है ------------3


बडा ही अनुपम नाता है  हमे प्यार निभाना आता है 
रात्री का भोर से ,नेता का चोर से 
चंद्रमा का चांदनी से कलाकार का गजगामिनी से 
बडा ही अनुपम नाता है  हमे प्यार निभाना आता है
इंद्र का रम्भा से शक्ती का चम्पा से
बडा ही अनुपम नाता है  हमे प्यार निभाना आता है
हाली का हल से ,पहलवान का बळ से
शातिर का छळ से समय का पल से
बडा ही अनुपम नाता है  हमे प्यार निभाना आता है
होठो का लाली से ,जुबान का गाली से
आशिक का  बाहरवाली से ,
बडा ही अनुपम नाता है  हमे प्यार निभाना आता है 
शाम का हाला से ,सोम रस का प्याला से 
सुरबाला का मधुशाला से ,भुखे का निवाला से 
बडा ही अनुपम नाता है  हमे प्यार निभाना आता है

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव