Tuesday, 28 April 2015

बड़ा ही अनुपम नाता है.................2

बडा ही अनुपम नाता है ------------२

बडा ही अनुपम नाता है ------------२
सुरज का भोर से ,चंदा का चकोर से ..........
बरखा का मोर से ..............
बडा ही अनुपम नाता है
यौवन का किशोर से ,लल्लन का चोर से
खेतो का हाली से ,उपवन का माली से
पेडो का डाळी से जीजा का साली  से
काम का क्रोध से दिमाग का बोध से
बडा ही अनुपम नाता है  हमे प्यार निभाना आता है
कमल का किचाड से ,अच्छे का लिचड से
कागज का सीजर से .सर्दी का गिजर से
बडा ही अनुपम नाता है  हमे प्यार निभाना आता है
राधा का किशन से ,मीरा का श्याम से
सीता का राम से ,आशिक का इश्क से
बडा ही अनुपम नाता है  हमे प्यार निभाना आता है
सती का परीक्षा से ,गरीब का रिक्शा से
भिखारी का भिक्क्षा से ,मिडिल क्लास का ऑटो रिक्शा से
बडा ही अनुपम नाता है  हमे प्यार निभाना आता है

लेखक का लेखन से रीडर का परीक्षण चांदनी से

No comments:

Post a Comment

खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव