Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Thursday, 7 May 2015
खुले दिल से जानम हमने प्यार किया है
खुले dil se hamne jaam tumse pyaar kiya.
Aakhir kyo tum ne pyaar bhare dil ko dutkaar diya.
Tere is kritya ne jaanam dil jano jigar pe war kiya hai.
तेरी chahat ki kasam mahabuba jina mera dushwar kiya hai
Aakhir kyo tum ne pyaar bhare dil ko dutkaar diya.
Tere is kritya ne jaanam dil jano jigar pe war kiya hai.
तेरी chahat ki kasam mahabuba jina mera dushwar kiya hai
Monday, 4 May 2015
कृतक ह्दय अति कोमल निर्मल
कृतक हरदय अति भावुक कोमल
कयो तूने वज्र प्रहार किया ।
प्यार के धागो से बनधे हरदय को
एक पल मे तार तार किया ।
कयो तूने वज्र प्रहार किया ।
प्यार के धागो से बनधे हरदय को
एक पल मे तार तार किया ।
Sunday, 3 May 2015
बहुत खुबसूरत है रचना हमारी । दिलों जान से भी जादा लगती है प्यारी
बहुत सुन्दर है रचना हमारी
जान से ज्यादा लगती है प्यारी
श्री मुख से जब बाहर आती
कलम से कागज पर दृश्य बनाती
सबके दिलों के दिलो के होश उडाती ।
कृतक प्रेयसी झप्पी पाके महबुबे मोहब्बत को गले लगाती ।
महबुबे मोहब्बत दिल से चाहा है मैंने।तेरे जीवन के अंधेरो को रौशन मेरे यार करूँगा । परंतु अब समझ मे आया जुगनू की औकात नही सूरज को आँखें यार दिखा ने की।
Dil se chaha tha maine tere jiwan ke andhero ko raushan kaunga.
Parantu ab samajh me aaya juganu ki aukaat kaha suraj ko aankh dikhane ki.
Parantu ab samajh me aaya juganu ki aukaat kaha suraj ko aankh dikhane ki.
दिल से चाहा था
Dil se chaha tha maine tere jiwan ke andhero ko raushan kaunga.
Parantu ab samajh me aaya juganu ki aukaat kaha suraj ko aankh dikhane ki.
Parantu ab samajh me aaya juganu ki aukaat kaha suraj ko aankh dikhane ki.
तेरे एहसास मात्रसे ही जिगर काँप उठता है।
Tere ahasaas maatr se hi jigar kaanp uthata hai.
Maathe pe pasina aata hai.
Kab kise tu kaal kar degi
Ye soch ke dil ghabra jata hai.
Maathe pe pasina aata hai.
Kab kise tu kaal kar degi
Ye soch ke dil ghabra jata hai.
Friday, 1 May 2015
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
खूब खिली क्या खूब खिली ,खिलती गई और उड़ के चली !!एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
आगे बड़ी परवान छड़ी ,चलती ही गई ,मेरी लाडली !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
फूलो सी महकी ,चिड़ियों सी चहकी ,हवा सी बहकी !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
कोयल सी चहकी और आगे बड़ी ,क्या खूब बड़ी ,बढ़ती ही गई !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
पलको पे छाई और आगे बदी ,क्या खूब बड़ी बढाती ही गई !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
मंजिल पे बड़ी बढ़ती ही गई ,खूब खिली खिलती ही गई !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
भावरों ने कहा ,क्या खूब कलि ,क्या खूब कलि देखो उड़ के चली !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
भावरों ने कहा तो खिल सी गई , चहकी महकी बढ़ती गई !
यौवन की सीढिया चढ़ती गई ,आगे को वह बढ़ती गई !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
नज़र उसे कुछ ऐसी लगी ,मुरझा सी गई मेरी लाडली !
फिर खिल ना सकी ,फिर बढ़ ना सकी ,फिर उड़ ना सकी मेरी लाडली !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
एक नन्ही कली मेरी लाडली
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
खूब खिली क्या खूब खिली ,खिलती गई और उड़ के चली !!एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
आगे बड़ी परवान छड़ी ,चलती ही गई ,मेरी लाडली !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
फूलो सी महकी ,चिड़ियों सी चहकी ,हवा सी बहकी !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
कोयल सी चहकी और आगे बड़ी ,क्या खूब बड़ी ,बढ़ती ही गई !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
पलको पे छाई और आगे बदी ,क्या खूब बड़ी बढाती ही गई !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
मंजिल पे बड़ी बढ़ती ही गई ,खूब खिली खिलती ही गई !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
भावरों ने कहा ,क्या खूब कलि ,क्या खूब कलि देखो उड़ के चली !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
भावरों ने कहा तो खिल सी गई , चहकी महकी बढ़ती गई !
यौवन की सीढिया चढ़ती गई ,आगे को वह बढ़ती गई !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
नज़र उसे कुछ ऐसी लगी ,मुरझा सी गई मेरी लाडली !
फिर खिल ना सकी ,फिर बढ़ ना सकी ,फिर उड़ ना सकी मेरी लाडली !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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