Friday, 1 May 2015

एक नन्ही कली मेरी लाडली

एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !

एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली ! 
खूब खिली क्या खूब खिली ,खिलती गई  और उड़ के चली !!
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
आगे बड़ी परवान छड़ी ,चलती ही गई ,मेरी लाडली !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
फूलो सी महकी ,चिड़ियों सी चहकी ,हवा सी बहकी !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
कोयल सी चहकी और आगे बड़ी ,क्या खूब बड़ी ,बढ़ती ही गई !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
पलको पे छाई और आगे बदी ,क्या खूब बड़ी बढाती ही गई !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
मंजिल पे बड़ी बढ़ती ही गई ,खूब खिली खिलती ही गई !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
 भावरों ने कहा ,क्या खूब कलि ,क्या खूब कलि देखो उड़ के चली !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
भावरों ने कहा तो खिल सी गई , चहकी महकी बढ़ती गई !
यौवन की सीढिया चढ़ती गई ,आगे को वह बढ़ती गई !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !
नज़र उसे कुछ ऐसी लगी ,मुरझा सी गई मेरी लाडली !
फिर खिल ना सकी ,फिर बढ़ ना सकी ,फिर उड़ ना सकी मेरी लाडली !
एक एक नन्ही कली ,मेरी लाडली ,नाज़ों में पली मेरी लाडली !

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खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव