जी हुजूर मेहमान नवाजी करने मे कभी कभी मजा आता है
कभी मेहमा को देखकर दिल चकरा जाता है।
मेहमा गर मायके से हो तो पतझड बसंत हो जाता है।
गर मेहमा ससुराल से हो तो सरदर्द और माथे पे पसीने के साथ 102 डिग्री बुखार चढ जाता है।
कभी मेहमा को देखकर दिल चकरा जाता है।
मेहमा गर मायके से हो तो पतझड बसंत हो जाता है।
गर मेहमा ससुराल से हो तो सरदर्द और माथे पे पसीने के साथ 102 डिग्री बुखार चढ जाता है।
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