Thursday, 9 July 2015

नमो के डिजिटलाइजेशन से आम आदमी की लाइफ बदल गई है। हुजूर साहिबान आप औरों की बात छोडिये मेरी तो वाइफ बदल ग ई है 35 की थी अब 20 की लगती है।शादी शुदा थी अब कुमारी लगती है हाइमेनो प्लास्टी आम हो ग ई है जिन्दगी तकनीकी की गुलाम हो ग ई है। डाक तार विभाग का दिन दहाडे काम तमाम हो गया है। सारा जमाना इन्टरनेट का गुलाम हो गया है। पोस्ट कार्ड और लिफाफो का कत्ले आम हो गया है। इमो पे फेस टू फेस का इन्तझाम हो गया है। फेस बुक और वाटस अप पे मोहब्बत सरेआम हो ग ई है। रानी बिटिया आजकल ट्वीटर की गुलाम हो ग ई है। गुगल पे बात और मुलाकात फिक्स हो ग ई है। फेस बुक मेसेन्जर पे हनीमून फायनल हो ग ई है। वर्तमान युग की एडोलरेन्स पीढ़ी समय से पहले प्रौढ हो गई है। एनडार्इड पे जहरीली नीली फिल्मो के जाल मे खो गई है। हेन्ड प्रेकटिस बोलने मे हम लजाते और घबराते थे। कानाफूसी करते और आपस मे नजरें चुराते थे। मास्टबेशन ट्रेन्ड हो गई है।स्ट्रेस रिलिफ दिलाने वाली कमसिन फ्रन्ड हो गई है। फिक्स मेरिज बेन हो गई है।लव मेरिज ट्रन्ड हो गई है। मा बनने से फिगर खराब होता है।टेस्ट ट्यूब बेबी बेमिसाल होता है। यु ट्यूब से बेबी डाउनलोड होता है। आधुनिकीकरण पैर फैला रहा है।विज्ञान अपने जलवे दिखा रहा है। कम्प्यूटर जी आँख मार के लड़की पटा रहा है। शिवाजी का रोबोट एशवर्या राय बच्चन को पटा रहा है इस आधुनिकीकरण के रचनाकार मनोहर यादव का दिल रचना को बुला रहा है।

नमो के डिजिटलाइजेशन से आम आदमी की लाइफ बदल गई है।
हुजूर साहिबान आप औरों की बात छोडिये मेरी तो वाइफ बदल ग ई है
35 की थी अब 20 की लगती है।शादी शुदा थी अब कुमारी लगती है हाइमेनो प्लास्टी आम हो ग ई है जिन्दगी तकनीकी की गुलाम हो ग ई है।
डाक तार विभाग का दिन दहाडे काम तमाम हो गया है।
सारा जमाना इन्टरनेट का गुलाम हो गया है।
पोस्ट कार्ड और लिफाफो का कत्ले आम हो गया है।
इमो पे फेस टू फेस का इन्तझाम हो गया है।
फेस बुक और वाटस अप पे मोहब्बत सरेआम हो ग ई है।
रानी बिटिया आजकल ट्वीटर की गुलाम हो ग ई है।
गुगल पे बात और मुलाकात फिक्स हो ग ई है।
फेस बुक मेसेन्जर पे  हनीमून फायनल हो ग ई है।
वर्तमान युग की एडोलरेन्स पीढ़ी समय से पहले प्रौढ हो गई है।
एनडार्इड पे जहरीली नीली फिल्मो के जाल मे खो गई है।
हेन्ड प्रेकटिस बोलने मे हम लजाते और घबराते थे।
कानाफूसी करते और आपस मे नजरें चुराते थे।
मास्टबेशन ट्रेन्ड हो गई है।स्ट्रेस रिलिफ दिलाने वाली कमसिन फ्रन्ड हो गई है।
फिक्स मेरिज बेन हो गई है।लव मेरिज ट्रन्ड हो गई है।
मा बनने से फिगर खराब होता है।टेस्ट ट्यूब बेबी बेमिसाल होता है।
यु ट्यूब से बेबी डाउनलोड होता है।
आधुनिकीकरण पैर फैला रहा है।विज्ञान अपने जलवे दिखा रहा है।
कम्प्यूटर जी आँख मार के लड़की पटा रहा है।
शिवाजी का रोबोट एशवर्या राय बच्चन को पटा रहा है
इस आधुनिकीकरण के रचनाकार मनोहर यादव का दिल रचना को बुला रहा है।

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव