यादों की कीमत वो क्या जानते
जो खुद अपनी यादो को मिटा देते है
यादो का सबब वही जानता है
जो महबुबे मोहब्बत की यादों मे जिया करते है
मनोहर यादव
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Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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