Wednesday, 1 July 2015

यादों की कीमत

यादों की कीमत वो क्या जानते
जो खुद अपनी यादो को मिटा देते है
यादो का सबब वही जानता है
जो महबुबे मोहब्बत की यादों मे जिया करते है

मनोहर यादव
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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव