Wednesday, 22 July 2015

बेटियो के लिये बना ये जहाँ है

बेटियो के लिये बना जहाँ है
बेटियाँ वतन की आन बान शान है
बेटियाँ धर्म है इमान है
बेटियाँ गगन और आसमान है
मोहब्बत से इन्हें अपने गले लगालो ।
अब और अग्नि परीक्षा नही
घर परिवार समाज राष्ट्र इन्हीं से
अपने जीवन का अभिन्न अंग बनालो ।
उठो जागो सोचो बेटी है कल है
अब बेटियाँ अबला नही सबल है
वतन का मान और सम्मान है
कही जमी कही ये आसमान है
मेरे वतन की शान है
इनसे जो जुड़ा
वो महान है
हम जानते "यत्र नारी पुज्यते तत्र रमन्ते देवता "
बेटियाँ नही ये नौ देवियाँ है
दुर्गा काली का अवतार
समझो अपने कलेजे से लगा लो
बेटियो से अपना घर स्वर्ग बना लो
बेटियो की करूण पुकार दिल मे बसालो।
बंद करो कोख मे हत्या इनकी
बहुत हो चुकी है बर्वर्ता
ओर नही होने देंगे
पाप कर्म करने वालों को
चेन से नही सोने देंगे ।

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव