बहुत खुबसूरत शेर मेरे हुजूर आपकी डेन से आया।
अच्छे अच्छो ने घुटने टेक दिये अपुन का भी सर चकराया है।
कैसे कैसे जाल हुजूर आपने बिछाये किस किस को फसाया ।
आपकी शातिर शतरंजी चालो से भला आज तलक कोई बच ना पाया है।
बड़े ही हाजिर जवाब है कृतक अंजान दोस्त मियाँ आपके ।
अपनी मीठी मीठी चिकनी चुपडी बातों के जाल मे अनमोल मुन्ना फसाया है।
सारा जमाना आपकी यारी और तरफदारी से खुब वाकिफ है।
आज तलक महबुबे मोहब्बत का छलकता हुआ जाम कृतक ने लबो से पाया है
मनोहर यादव यादवेन्द्र
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