Thursday, 9 July 2015

महबुबे मोहब्बत सारी सारी जगाती है। तनहाईयो मे यादें दिल के तारों को छेड़ जाती है। तू क्या तनहाईयाँ बनके कारी नागन डसने जब आती है। महबुबे मोहब्बत तेरी यादें झप्पी पाके गले से लिपट जाती है।

महबुबे मोहब्बत सारी सारी जगाती है।
तनहाईयो मे यादें दिल के तारों को छेड़ जाती है।
तू क्या तनहाईयाँ बनके कारी नागन डसने जब आती है।
महबुबे मोहब्बत तेरी यादें झप्पी पाके गले से लिपट जाती है।

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव