महबुबे मोहब्बत सारी सारी जगाती है।
तनहाईयो मे यादें दिल के तारों को छेड़ जाती है।
तू क्या तनहाईयाँ बनके कारी नागन डसने जब आती है।
महबुबे मोहब्बत तेरी यादें झप्पी पाके गले से लिपट जाती है।
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Thursday, 9 July 2015
महबुबे मोहब्बत सारी सारी जगाती है। तनहाईयो मे यादें दिल के तारों को छेड़ जाती है। तू क्या तनहाईयाँ बनके कारी नागन डसने जब आती है। महबुबे मोहब्बत तेरी यादें झप्पी पाके गले से लिपट जाती है।
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
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जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
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