मोहब्बत पाने के हुनर से अंजान हू मै।
मोहब्बत लुटाने मे नही बेईमान हू।
साधारण सा भोला भाला वफादार इन्सान हू मै।
मेरी शक्लो सूरत पे ना जाईये नही बेईमान हू मै।
मोहब्बत लुटाने मे नही बेईमान हू।
साधारण सा भोला भाला वफादार इन्सान हू मै।
मेरी शक्लो सूरत पे ना जाईये नही बेईमान हू मै।
गमो को इक पल मे चुराने का हुनर हमें आता है।
महबुबे मोहब्बत का गम शक्ल से पता लग जाता है।
वो गमे मोहब्बत हमें बताने से कतराते है।
वो क्या जाने निशाने गम उनकी सुरत पे उभर आते है।
महबुबे मोहब्बत का गम शक्ल से पता लग जाता है।
वो गमे मोहब्बत हमें बताने से कतराते है।
वो क्या जाने निशाने गम उनकी सुरत पे उभर आते है।
उनके सारे गमो के कलेजे से फकत कृतक लगाते है।
महबुबे मोहब्बत के झप्पी पाके दिल से लगाते है।
दिलों की बातें मोहब्बत भरे दिल आसानी से जान जाते है।
फकत एक दुसरे के दर्दे दिल को मोहब्बत से अपनाते है।
महबुबे मोहब्बत के झप्पी पाके दिल से लगाते है।
दिलों की बातें मोहब्बत भरे दिल आसानी से जान जाते है।
फकत एक दुसरे के दर्दे दिल को मोहब्बत से अपनाते है।
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