मोहब्बत ने चैनो शुकून दरिया ए चमन मे पाया है
बावस्ता झप्पी पाके नेकी महबुबे मोहब्बत को गले लगाया है
हम भी आइना ए मोहब्बत मे दीदारे यार करते है
अपनी महबुबे मोहब्बत पे जाँ से भी जादा एतबार करते है।
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Tuesday, 7 July 2015
मोहब्बत ने चैनो शुकून दरिया ए चमन मे पाया है बावस्ता झप्पी पाके नेकी महबुबे मोहब्बत को गले लगाया है हम भी आइना ए मोहब्बत मे दीदारे यार करते है अपनी महबुबे मोहब्बत पे जाँ से भी जादा एतबार करते है।
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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