Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा,
चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Tuesday, 7 July 2015
बेवफाई दसतुरे मोहब्बत नही होता ।
वफाई सबब ए मोहब्बत उल्फत मे फकत होती है।
महबुबे मोहब्बत की बेवफाई का चर्चा सरेआम है।
जिसकी ताकीद महबुबे मोहब्बत के हाथों मे जाम है।
बेवफाई दsतुरे मोहब्बत नही होता ।
वफाई सबब ए मोहब्बत उल्फत मे फकत होती है।
महबुबे मोहब्बत की बेवफाई का चर्चा सरेआम है।
जिसकी ताकीद महबुबे मोहब्बत के हाथों मे जाम है।
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