ये कागज की किश्ती वो झेलम का पानी ।
ये जमी ए जन्नत वो पाकियो की कारस्तानी।
जन्नत से भी खुबसूरत ये जमी काश्मीरी नुरानी।
लहु से है सीची जमी केशर की जान की बाजी हमने लगानी।
पाकिस्तानीयो को डगर ए जन्नत दिखानी।
जमी दरोश उनको करके यारो भारत भूमि वापस है पानी ।
ये कागज की किश्ती वो झेलम का पानी,.,....,,,,
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Wednesday, 8 July 2015
ये कागज की किश्ती वो झेलम का पानी । ये जमी ए जन्नत वो पाकियो की कारस्तानी। जन्नत से भी खुबसूरत ये जमी काश्मीरी नुरानी। लहु से है सीची जमी केशर की जान की बाजी हमने लगानी। पाकिस्तानीयो को डगर ए जन्नत दिखानी। जमी दरोश उनको करके यारो भारत भूमि वापस है पानी । ये कागज की किश्ती वो झेलम का पानी,.,....,,,,
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
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जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
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