महबुब का इन्तझार करने मे बड़ा मजा आता है।
चाँद भी इतराता है चाँदनी छलकता है
लाख बरगलाने की नाकाम कोशिशे करता है।
अंत मे बेचारा हारकर शर्मा कर भाग जाता है
चाँद भी इतराता है चाँदनी छलकता है
लाख बरगलाने की नाकाम कोशिशे करता है।
अंत मे बेचारा हारकर शर्मा कर भाग जाता है
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