तुम मेरी मोहब्बत
मै मोहब्बत तुम्हारी
मै तुम्हें जान से प्यारा
तुम जान हमारी
मेरी भी कुछ लाचारी
तेरी भी कुछ लाचारी
हम दोनों मे निःस्वार्थ निहित है
दुनिया हमारी
मै दिल जिगर जान तुम्हारी
तुम सब कुछ हमारी
तुमसे से जीवन है
तुमसे है दुनिया सारी
तनहाईयो का आलम
हँसी यादें तुम्हारी
जिन्दगी बन गई
मानो लाचारी
समाज बन बैठा
बड़ा ही व्याभीचारी
उसको दिमाग की बिमारी
आँखों की लाचारी
कानों की बिमारी
कोई लगता नही अपना
जिन्दगी बन गई एक हँसी सपना।
वो तकती रहती राह हमारी ।
यारो मोहब्बत है
ला ईलाज बिमारी
इससे सारी दुनिया है हारी
मोहब्बत की राह मे
आंशिक मर जाते
है
नाम अमर कर जाते है
नित नये आंशिक आते है
सजदा करते मजार पे शीशे झुकाते है
आशिर्वाद मे दुख दर्द और मोहब्बत पाते है
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Wednesday, 22 July 2015
तुम मेरी मोहब्बत
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