बहुत आभार आपका आपने मित्रता के काबिल हमें पाया है।
मेरी आधुनिक मधुशाला के कृतक अंजान डगर मनोहर यादव ने शुक्रिया बा अदब हुजूर फर्माया है।
आपसे मैत्री से सावन भी मन ही मन हर्षाया है।
सभी मेघो को सतत बरसने का आदेश देवराज ने सुनाया है
सौन्धी सौन्धी माटी की मादक महक से महबुबे मोहब्बत हर्षाया।
उसने महबुबा को बड़े प्यार से झप्पी पाके गले लगाया है।
पप्पू की कागज की नाव से कृतक मन मे मुस्काया है।
लगता कृतक अंजान डगर को बचपन अपना याद आया है।
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Wednesday, 22 July 2015
बहुत आभार आपका
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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