Saturday, 25 July 2015

विजय दिवस

याद ए दुश्मन पाकिस्तान तुझे बीता कल याद आएगा।
वो बीता हुआ कल तेरी पुशतो को हजारों साल रूलायेगा।

बाँग्ला देश का भूत तेरी संतानो याद ए दुश्मन बीता कल याद आएगा।
वो बीता हुआ कल तेरी पुशतो को हजारों साल रूलायेगा।

बाँग्ला देश का भूत तेरी संतानो याद ए दुश्मन बीता कल याद आएगा।
वो बीता हुआ कल तेरी पुशतो को हजारों साल रूलायेगा।

बाँग्ला देश का भूत तेरी संतानो को कोख मे डरायेगा।
बीते हुये कल का भूत तुझे सदियों रूलायेगा।

उस जनरल नियाजी को भला कैसे तू भुलायेगा।
जिसने 90 हजार सैनिकों सहित आत्मसमर्पण किया कैसे उसे भुलायेगा ।

तेरी औकात सारा जहाँ जानता है
अब तो बराक भी आतंकियो की नर्सरी तुझे मानता है।

तेरे घर मे घुसके ओसामा को ओबामा ने मारा था।
तु हो बेसहारा ओबामा ने किया किनारा था।

हमने कारगिल मे तेरे आतंकी सैनिकों को मारा था।
विजय दिवस बना जीत का सबब तिरंगा हमको प्यारा है।

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खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव