रमजान की शुरुआत राम के नाम से होती है।
दीपावली की सुब अली के साथ होती है।
ये समझने की चीज हिन्दू तो जानते है।
मुस्लिम भाइयों को ये सच मानना होगा।
मानवता के शत्रुओ को पहचानना होगा।
आदमी यत को दिल से फकत मानना होगा।
दिलों मे नेर ए मोहब्बत लेके धर्म के भेद को जानना होता ।
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