यार अपना बनाके जिसे दिल मे बसाया।
उसी यार खंजर या रब मेरी पीठ मे घोपा।
अपने दर्दे दिल की तरह जिसे सीने से लगाया ।
उसी यार ने आस्तीन का सर्प बनके डस लिया ।
मेरी रूह काँप गई उस झील के ठहरे हुये पानी के मानिन्द।
जब पत्थर मेरे अजीज यार ने अपने हाथ उठाया ।
दुआ यही रब से मेरे उस यार को रहमत तू बक्सना ।
उसकी जिन्दगी चेनो अमन शुकून से सदा आबाद रहे।
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Wednesday, 22 July 2015
यार अपना बनाकर
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
-
कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
-
जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
-
रात कविता सपने आई देने लगी मोहब्बत की दोहाई पृियतम तोहे नींद कैसे आई तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई
No comments:
Post a Comment