सावन के सुहाने मौसम मे मेघ अमृत बरसायेगे।
बहुत दिनो के बाद आज सजन घर आयेगे।
आज से हर दिन होली हरेक रात दिवाली हो जायेगी।
बहुत दिनों के बाद प्यार की झप्पी देकर सजन अंग लगायेगे।
महबुबे मोहब्बत की प्यास बूझेगी स्वाति नक्षत्र के मेघ अमृत बरसायेगे।
महबुबे मोहब्बत सावन मे मनभावन नग्मे सुनायेगे।
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Wednesday, 22 July 2015
सावन के सुहाने मौसम मे
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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