Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
खामोशी जुँबा मोहब्बत की होती है तनहाईयाँ आशिक की रहनुमा होती है।
यादें वफा महबुबे मोहब्बत मे होती है शेफाली की महक मोहब्बत से जवाँ होती है।
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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