मेरे मेहबुबे मोहब्बत का मासुमियत से वो मुस्कुकराना।
कनखियो से देखकर महबुब का दाँतों तले उँगली दबाना।
महबुबे मोहब्बत की डगर मे पलके बिछाना ।
सामने उनके आने पर शर्माकर घर मे अंदर भाग जाना ।
बेखबर है महबुबे मोहब्बत ।
फकत जोशो खरोश है।
राजे दिल फकत जानते ही
गुम है खामोश है
महबुब मदहोश है।
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