तुम कहाँ हो
आवाज दो
एक एहसास दो
एक परवाज दो
धडकनो को दिल की मेरी
एक राज दो
बहुत खुबसूरत हो तुम
एक महबुबे मोहब्बत
का एहसास दो
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Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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