उमड़ घुमड के
बदरा छाये
सावन मे
रिमझिम रिमझिम
मादक फुहारो ने
शबनमी गीत सुनाये
सावन मे
चारों ओर इन्द्र की चतुरंगिणी सेना ने
अम्बर मे डेरा डाला
गर्जना के साथ
मेधो ने
वसुन्धरा की प्यास बुझाइ
बिजली की चमक
और बादलों की गडगडाहट
मयुर का मादक
नृत्य
पायल की खनक
मेहबुब की महक
मोहब्बत की ललक
तुफान की खनक
आशिको की सनक
मेघो की गर्जना
दिल के तार
छेड़ रही ।
बदरा छाये
सावन मे
रिमझिम रिमझिम
मादक फुहारो ने
शबनमी गीत सुनाये
सावन मे
चारों ओर इन्द्र की चतुरंगिणी सेना ने
अम्बर मे डेरा डाला
गर्जना के साथ
मेधो ने
वसुन्धरा की प्यास बुझाइ
बिजली की चमक
और बादलों की गडगडाहट
मयुर का मादक
नृत्य
पायल की खनक
मेहबुब की महक
मोहब्बत की ललक
तुफान की खनक
आशिको की सनक
मेघो की गर्जना
दिल के तार
छेड़ रही ।
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