Monday, 31 August 2015

तस्वीर बनाता हू दर्दे जिगर से

तस्वीर बनाता हूँ दर्दे जिगर से
ख्वाब सजाता हू महबुबे नजर से

तस्वीर तेरी दिल मे बनाता मै रहूंगा...
यादो से तेरे घर को सजाता मै रहूंगा...
जुगनू मेरी पलको पे चमकते ही रहेंगे ,
रातो मे तुझे रस्ता दिखाता मै रहूंगा...

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव