तस्वीर बनाता हूँ दर्दे जिगर से
ख्वाब सजाता हू महबुबे नजर से
तस्वीर तेरी दिल मे बनाता मै रहूंगा...
यादो से तेरे घर को सजाता मै रहूंगा...
जुगनू मेरी पलको पे चमकते ही रहेंगे ,
रातो मे तुझे रस्ता दिखाता मै रहूंगा...
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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