Wednesday, 2 September 2015

नाग्मात ए मोहब्बत फकत तेरे लिखता हू

तेरी मोहब्बत मे नग्मे लिखता हू
तेरी मोहब्बत मे मोहब्बत के नग्मे गुनगुनाता हूँ
तनहाईयो मे तेरी यादों के साये के तले
खुने जिगर की स्याही से मोहब्बत के नग्मे सजाता हू
मोहब्बत भरे ये अनमोल नग्मे मेरे दर्दे दिल का गुबार
मेरे इन गीतों से फिजा मे आती है बहार
हरश्रृन्गार की महक से महकती है फिजा
दिल की मादक उमंगो मे आता निखार
मेरे गीत मेरी गझल नग्मात मेरे दिल का अहसास फकत
मेरे इन गीतों पे आता महबुबे मोहब्बत को प्यार बेशुमार
पाया है महबुबे मोहब्बत से प्यार बेशुमार
देखा है महबुब की नजरों मे छलकता प्यार मेरे यार
मेहबुबे मोहब्बत के गुलाबी रूखसार से झलकता एतबार बेशुमार
तेरी मोहब्बत के इन्द्र धनुषी रंगों सजाया मैने प्यार बेशुमार
तेरी मोहब्बत सरमायादारो की मोहताज नही
इस पे है तेरी रूह पे है मेरा इख्तियार मेरे यार
मोहब्बत भरे पलो के हँसी नग्मात सिर्फ तेरे लिये मेरे यार।

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव