महबुबे मोहब्बत की दुर्दशा का फकत जिम्मेदार हू मै
उसकी बिगड़ती हुई सेहत का फकत गुनहगार हू मै
अपनी बेगुनाही साबित करने की जुरूरत क्या
इस वक्त महबुबे मोहब्बत के हरेक हाल का बवाल हू
महबुबे मोहब्बत के हरेक जवाब का मुस्तेद सवाल हू मै
उसके दिलों मे सुनामी बनके हिलोरे ले रहा उसके दिल का ख्याल हू मै
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Wednesday, 2 September 2015
महबुबे मोहब्बत
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
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रात कविता सपने आई देने लगी मोहब्बत की दोहाई पृियतम तोहे नींद कैसे आई तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई
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