महबुबे मोहब्बत के हरेक गम को सीने से लगाया हमने
उसके गमो को आरजुये जिन्दगी फकत बनाया हमने
मेरे महबुबे मोहब्बत के मानिन्द खुबसूरत और हँसी उसके गमो को पाया हमने
अपने गमो के बहुत करीब महबुबे मोहब्बत के गमो को पाया हमने
आरजुये जिन्दगी महबुब के गमो को जिन्दगी जीने का सबब बनाया हमने
मेहबुब के गमो को अपनाकर सीने से यारो लगाया हमने
जिन्दगी के हँसी सफर मे महबुबे मोहब्बत को हमसफर अपना बनाया हमने
सीने से अपने लगाकर मेहबुब के दिल की सुनामी को दिल मे समाया हमने।
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Wednesday, 2 September 2015
महबुबे मोहब्बत का हरेक गम
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