वो कौन था जिसने प्रशांत भूषण को याक़ूब के लिए HIRE किया ...
कम से कम याक़ूब के घरवालों ने तो प्रशांत भूषण को HIRE नहीं किया।
वास्तव मे प्रशांत भूषण देश का गद्दार है ...
ये देशविरोधी गतिविधियों मे संलिप्त हैं ...
ये कश्मीर से सेना हटाने की बात करता है
ये कश्मीर मे रेफरेंडम कराने की बात करता है
ये कसाब के लिए फांसी से माफी मांगता है
ये अफजल गुरु के लिए फांसी से माफी मांगता है
ये बातला हाउस एंकाउंटर को फर्जी बताता है, शहीद इंस्पेक्टर मोहन चन्द्र शर्मा की शहादत को अपमानित करता है।
आखिर इतनी गद्दारी करने के बाद भी ये सूअर दिल्ली मे आराम से कैसे घूम पाता है ... ?
क्या दिल्ली मे ऐसा कोई नहीं है जो इसकी चमड़ी उधेड़ सके ?
श्याही फेंकने, जूता फेंकने से या थप्पड़ लगाने से काम नहीं चलेगा....
ये गद्दार खुलेआम आतंकवादियों के हमदर्द बने हुए हैं और आराम से समाज मे रह भी रहे हैं ... इन्हे समाज की तरफ से सज़ा मिलनी बहुत जरूरी है।
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Wednesday, 2 September 2015
गद्दारे वतन
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
-
कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
-
जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
-
रात कविता सपने आई देने लगी मोहब्बत की दोहाई पृियतम तोहे नींद कैसे आई तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई
No comments:
Post a Comment