Wednesday, 2 September 2015

गद्दारे वतन

वो कौन था जिसने प्रशांत भूषण को याक़ूब के लिए HIRE किया ...
कम से कम याक़ूब के घरवालों ने तो प्रशांत भूषण को HIRE नहीं किया।
वास्तव मे प्रशांत भूषण देश का गद्दार है ...
ये देशविरोधी गतिविधियों मे संलिप्त हैं ...
ये कश्मीर से सेना हटाने की बात करता है
ये कश्मीर मे रेफरेंडम कराने की बात करता है
ये कसाब के लिए फांसी से माफी मांगता है
ये अफजल गुरु के लिए फांसी से माफी मांगता है
ये बातला हाउस एंकाउंटर को फर्जी बताता है, शहीद इंस्पेक्टर मोहन चन्द्र शर्मा की शहादत को अपमानित करता है।
आखिर इतनी गद्दारी करने के बाद भी ये सूअर दिल्ली मे आराम से कैसे घूम पाता है ... ?
क्या दिल्ली मे ऐसा कोई नहीं है जो इसकी चमड़ी उधेड़ सके ?
श्याही फेंकने, जूता फेंकने से या थप्पड़ लगाने से काम नहीं चलेगा....
ये गद्दार खुलेआम आतंकवादियों के हमदर्द बने हुए हैं और आराम से समाज मे रह भी रहे हैं ... इन्हे समाज की तरफ से सज़ा मिलनी बहुत जरूरी है।

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव