दिल मे बस जाने को बेकरार है जाने तमन्ना जाने बहार
जो किसी और की महबुबे मोहब्बत परवरदिगार
मेरी बाहो मे समाने को हर वक्त तैयार वो जाने चमन
जिस के दिल पे हुकूमत मेरे दुश्मन की मेरे यार
ये शेरो शायरी तडपते दिल की आरजुये बेशुमार
थियेटर की बेहतरीन अदाकारा मेरी महबुबे मोहब्बत मेरे यार
उसक हरेक लम्हा दिन रात दिल के हँसी जजबात मुझसे फकत मेरे यार
वो मेरी ख्वाबगाह की जीनत जन्नते हूर मेरे यार
बाजिये अंजामे मोहब्बत से कतई वाकिफ नही मै
जिन्दगी मेरे हिस्से मे महबुबे मोहब्बत या उसके हिस्से मे मै।
काश वो कातिल जन्नते हूर जीतने आगोस मेरी हो जाये
और रब मुझे महबुबे मोहब्बत की मोहब्बत निभाने की ताकत फर्माये।
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Wednesday, 2 September 2015
दिल मे बसने को बेकरार
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
-
कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
-
जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
-
रात कविता सपने आई देने लगी मोहब्बत की दोहाई पृियतम तोहे नींद कैसे आई तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई
No comments:
Post a Comment