हा यार हम भी बार्डर पे युही वर्षों से
सुनी कलाई
खामोश नजर
खामोश जिगर
मदहोश नजर
गगनचुम्भी अटटालिकाओ से फकत यारी
वही मा वही बहन
जीने की आरजु हमारी
जिन्दगी ने उनसे करली यारी
हरेक राखी से ज्यादा
भारत माता प्यारी
मा बहन सभी कुछ है हमारी
वतन के लिये छोड़े सब कुछ
वतन ही सच्ची महबुबे मोहब्बत
हमारी ।
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Wednesday, 2 September 2015
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
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जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
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रात कविता सपने आई देने लगी मोहब्बत की दोहाई पृियतम तोहे नींद कैसे आई तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई
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