पृियतम चाँदनी आपकी रचनाये
बेहद लाजवाब यार होती है
जैसे सीप मे छुपा मोती है
जैसे दीपक मे समाहित ज्योति है
जैसे अमृत सागर का दिव्य पानी है
कुदरत की मोहब्बते शुमार है
आपकी रचनाये सागर की धार है
सच मानिये नव वधु का सोलह सिन्गार है
सावन की घटाओ की रिमझिम है
जेठ की मूसलाधार है
मोहब्बते महबूब के दिल की धडकन
कृतक मनोहर यादव का प्यार है
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Sunday, 8 November 2015
चाँदनी की रचना
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खामोशियो की सागिर्दगी
खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं । मनोहर यादव
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कच्ची कली कचनार की दिलों को खूब भाती है। इसकी मादक महक आशिको का दिल चुराती है। फिजा को महकाती चार चाँद लगाती है। इसकी मादक महक कामदेव का ...
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जो दिल के करीब होता है। वो फकत नसीब से होता है। वक्त किसी का अजीज नही है। कर्म से मानव खुशनसीब होता है। कोई हँसता तो कोई रोता ये कर्मो क...
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रात कविता सपने आई देने लगी मोहब्बत की दोहाई पृियतम तोहे नींद कैसे आई तेरी मोहब्बत ने मेरी निंदिया उडाई
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