Wednesday, 4 November 2015

तेरे अश्क

तेरे अश्को का दिल से सम्मान करते है
अपनी हरेक खुशी को जांनशी कुर्बान करते है
सारे जहां के सामने सरेआम एलान करते है
ए गुलबदन चाँदनी अपना दिल जानो जिगर तेरे नाम करते है
तेरी मोहब्बत के यार कायल है हम
तेरे तीरे नजर के यार घायल है हम
तेरी कसम दिल और स्वभाव से रायल है हम
मेरे यार दिल से तेरी मोहब्बत के कायल है हम

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खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव