Sunday, 13 December 2015

चाँदनी रात

चाँद को देखकर मेहबुब शर्माया है
चाँदनी रात मे मेहबुब ने गजब ढाया है
प्यार की झप्पी सरेशाम देकर
महबुब ने इष्क पर दिली एतबार जताया है

No comments:

Post a Comment

खामोशियो की सागिर्दगी

खामोशियो की सागिर्दगी सबब ए जिन्दगानी यार है । तनहाइयो में तेरी मोहब्बतो यादें सनम एतबार हैं ।  मनोहर यादव