बहुत खुबसूरत ख्वाहिश यार है तुम्हारी
बेशक दिलो जां से लगती हो तुम प्यारी
जिस दिन से हुई चाँदनी तुम से यारी
तुम्ही दिल की पहली ख्वाहिश आरजु हमारी
तुम्हारी हार या जीत के सदके मुकाम तुम्हारा
हरेक पल बंदे का बाअदम सलाम प्यारा
तुम्हारा साथ दिल को लगता है बहुत ही प्यारा
लगता है मुकद्दर मे तुमसे मिलना नही गवारा
हार हो या जीत सनम लगती हो तुम बहुत प्यारी
जमाने मे सबसे हँसी जनन्ते हूर दिल की राजकुमारी.
Ocean of Merathus ! आज फिर अम्बर के चाँद में दीदारे यार होगा, चँदा से बरसता मेरे महबूब का शबनमी प्यार होगा |
Tuesday, 15 December 2015
बहुत खुबसूरत ख्वाहिश
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खामोशियो की सागिर्दगी
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